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*श्री देवीची आरती*

दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी ।
अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी ॥
वारी वारीं जन्ममरणाते वारी ।
हारी पडलो आता संकट नीवारी ॥ १ ॥

जय देवी जय देवी जय महिषासुरमथनी ।
सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी ॥ धृ. ॥

त्रिभुवनी भुवनी पाहतां तुज ऎसे नाही ।
चारी श्रमले परंतु न बोलावे काहीं ॥
साही विवाद करितां पडिले प्रवाही ।
ते तूं भक्तालागी पावसि लवलाही ॥ २ ॥

जय देवी जय देवी जय महिषासुरमथनी ।
सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी ॥ धृ. ॥

प्रसन्न वदने प्रसन्न होसी निजदासां ।
क्लेशापासूनि सोडी तोडी भवपाशा ॥
अंबे तुजवांचून कोण पुरविल आशा ।
नरहरि तल्लिन झाला पदपंकजलेशा ॥ ३ ॥

जय देवी जय देवी जय महिषासुरमथनी ।
सुरवरईश्वर वरदे तारक संजीवनी ॥ धृ. ॥

श्री गणेश चतुर्थी आरती

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची।
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची।
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची।
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती।
दर्शनमात्रे मन कामनांपुरती॥ 

रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा।
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा।
हिरेजड़ित मुकुट शोभतो बरा।
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरीया॥ 

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती।
दर्शनमात्रे मन कामनांपुरती॥ 

लंबोदर पीतांबर फणीवर बंधना।
सरळ सोंड वक्रतुण्ड त्रिनयना।
दास रामाचा वाट पाहे सदना।
संकष्टी पावावें, निर्वाणी रक्षावे,सुरवरवंदना॥ 

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती।
दर्शनमात्रे मन कामनांपुरती॥  

12 Jyotirlinga Temples Name and Place in Hindi

ॐ नमः शिवाय दोस्तों, आज का हमारा विषय हे “12 Jyotirlinga Temples Name and Place in Hindi”. १२ ज्योतिर्लांगोंको भगवान शिव के सबसे ज्यादा जागृत देवस्थान के रूप में माना जाता ह। वैसे तो शिवजी के कई मंदिर हे जहा शिव जी की एक लिंग के रूप में पूजा की जाती है और उन्हें शिवलिंग कहा जाता हे.

लेकिन, केवल 12 ऐसे Shivlinga हे जो अपने आप में बहुतही अद्भुत हे और उन्हें शिवलिंग के बजाये ज्योतिर्लिंग कहा जाता हे। आज हम इन्ही 12 Jyotirlinga के बारे में जानेंगे।

12 Jyotirlinga Temples Name and Place in Hindi
12 Jyotirlinga Temples Name and Place in Hindi


ज्योतिर्लिंग क्या है ? What is Jyotirlinga ?

ज्योतिर्लिंग नाम २ शब्दों से बना है: ज्योति + लिंग = ज्योतिर्लिंग। ज्योति यानि “दैवी प्रकाश” और लिंग यानी “शिवलिंग”। वैसे ज्योति को एक छोटी अग्नि माना जाता है लेकिन यहाँ ज्योति को अर्थ है दैवी प्रकाश। लिंग का शब्दशः अर्थ होता है आकार। लेकिन भारत में ज्यादातर इसे शिवजी का पूजा स्वरुप प्रतिक माना जाता है।

शिव महापुराण के अनुसार एक दिन ब्रम्हदेव और विष्णुदेव के बिच इस बात पर बहस छिड़ चुकी की उन दोनों में से इस ब्रम्हांड में सबसे श्रेष्ट कौन है। तभी उन्होंने एक प्रखर प्रकाश का स्तम्भ देखा जिसका कोई अंत नहीं था जिसे बाद में ज्योतिर्लिंग कहा गया। ब्रम्हा और विष्णु दोनो उस स्तम्भ का अंत ढूंढते हुए ऊपर और निचे की तरफ चले गए।

जब उन्हें अंत नहीं मिला तब भगवान विष्णु ने अपनी पराजय स्वीकार कर ली, लेकिन ब्रम्हा जी ने झूट बोला की उन्हें उस स्तंम्भ का अंत मिल गया। उसी समय भगवान् शिव उस स्तम्भ से प्राकृतिक रूप में प्रकट हो गए। झूट बोलने के कारन शिव जी क्रोधित हो गए और उन्होंने ब्रम्हा जी को श्राप दे दिया की “आपने इस संसार की रचना की है लेकिन फि भी आपकी कभी पूजा नहीं की जाएगी”।

ज्योतिर्लिंग वो स्थान है जहा शिव जी एक प्रखर प्रकाश के स्तंम्भ के साथ अपने प्राकृतिक रूप में प्रकट हुए। ऐसा माना जाता है की असल में ६४ ज्योतिर्लिंग है और उनमे से १२ ज्योतिर्लिंग सबसे ज्यादा जागृत और पवित्र है।

12 Jyotirlinga Temples Name and Place in Hindi

1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग (Somnath Jyotirlinga)

शिवपुराण के कोटिरुद्रसंहिता में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को प्रथम ज्योतिर्लिंग कहा गया हे। यह ज्योतिर्लिंग गुजरात राज्य के “गिर सोमनाथ” ज़िले में “वेरावल” शहर के “प्रभास पतन” नामक क्षेत्र में स्थित हे जो की एक समुंद्री तट पर स्तिथ प्रदेश हे।

चंद्रदेव को सोम कहा जाता हे और सोमनाथ शब्द का अर्थ होता हे “चन्द्रमा के भगवान” यानि की भगवान शंकर। सोमनाथ ये शिव जी को दिया गया एक विशेषण हे।

Somnath Jyotirlinga: Image by external source with no copy rights at google

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग कैसे जाए
  • नजदीकी रेल्वे स्टेशन 
  • नजदीकी बस स्टेशन   
  • नजदीकी एयर पोर्ट       
  • नजदीकी हैली पोर्ट 

: वेरावल रेल्वे स्टेशन, सोमनाथ मंदिर से ५ km की दूरी पर।
:”सोमनाथ S T बस स्टेशन”, सोमनाथ मंदिर से 0.५ km की दूरी पर।
: पोरबंदर एयर पोर्ट , सोमनाथ मंदिर से १३५ km की दूरी पर।
: सोमनाथ हैलीपोर्ट, सोमनाथ मंदिर से ६ km की दूरी पर।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा

दक्ष प्रजापति, जो ब्रम्हदेव के मानस पुत्र हे, उन्होंने अपनी कुल २७ कन्याओंका विवाह चन्द्रमा के साथ किया था। सभी कन्याये चन्द्रमा के साथ विवाह होने पर खुश थी, लेकिन चन्द्रमा उन कन्याओंमे सबसे अधिक प्रेम रोहिणी से करने लगे, जिससे बाकि कन्याये दुखी हो गयी और उन्होंने यह बात दक्ष को बताई।

अपनी कन्याओंकी यह अवस्था देख प्रजापति दक्ष ने चन्द्रमा को समझाया, “तुमने एक पवित्र कुल में जन्म लिया हे, तुम्हे अपनी पत्नीयोमे भेदभाव नहीं करना चाहिए”। लेकिन इतना समज़हाने के बाद भी चन्द्रमा ने उनकी बात नहीं मानी और रोहिणी के प्रति अपनी आसक्ति के कारन बाकि पत्नियोंका ध्यान नहीं रखा।

इस से ग़ुस्सा होकर दक्ष ने चंद्र को श्राप दे दिया की, “मेरे बार बार समज़हाने पर भी तुमने मेरी आज्ञा नहीं मानी, इसीलिए तुम्हे क्षय रोग हो जाये”। श्राप देतेहि कुछ ही पलो में चंद्रमा का शशिर क्षीण हो गया और सर्वत्र हाहाकार मच गया। सभी देवतागण एवं ऋषिगण चिंतित है गए और सभी ने ब्रम्हा जी से मदत मागि।

ब्रम्हाजी ने उनसे कहा, “जो हो गया उसे तो भुगतना ही हे, क्योंकि दक्ष के निर्णय को अब पलटा नहीं जा सकता। लेकिन एक उत्तम उपाय हे। अगर सभी देवताओंके साथ चन्द्रमा कल्याणकार प्रभास क्षेत्र में जाकर महामृत्युंजय मंत्र का विधि पूर्वक जाप करते हुए भगवन शिव की आराधना करे और यदि शिव जी उस से प्रसन्न हो जाए, तो वे इस क्षय रोग को मिटा सकते हे”।

यह सुनकर, चन्द्रमा सभी देवतागणों के साथ प्रभास क्षेत्र में गए और उन्होंने लगातार ६ महीनों तक तपस्या की एवं १० कोटि महामृत्युंजय मंत्र का जप किया। उनकी इस कटी तपस्यासे शिव जी प्रसन्न हुए और एक उग्र प्रकाश के स्तम्भ के साथ निराकार रूप में प्रकट हुए। उन्होंने चन्द्रमा से वरदान मांगने कहा। चन्द्रमा ने कहा, “आप मेरे सारे गुनाह माफ़ कर दीजिए और मेरे इस क्षय रोग को मिटा दीजिये।

तभी शिव जी ने उन्हें वरदान दिया की तुम्हारी कला एक पक्ष में क्षीण होती जाएगी और दूसरे पक्ष में वह बढती जाएगी। इस तरह तुम स्वस्थ रहोगे और लोग सम्मान को प्राप्त हो जाओगे। वरदान मिलने पर चन्द्रमा ने शिवजी की स्तुति की और इस स्तुतिभाव में शिवजी अपने निराकार रूप से निकलकर एक लिंग के प्राकृतिक रूप पे प्रकट हो गए और हमेशा के लिए वही स्तिथ हो गए। यही लिंग फिर Somnath Jyotirlinga के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के विध्वंस कि इतिहास

सोमनाथ मंदिर हिन्दू धर्म के उत्थान-पतन के इतिहास का साक्षी हे। यह मंदिर १७ बार मुस्लिम आक्रमण कर्ताओ द्वारा खंडित किया गया हे और हर बार इसका पुनर्रनिर्माण किया गया हे। हालाकि १७ बार किस किस ने इसे खंडित किया इसकी जानकारी पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हे, लेकिन कुछ आक्रमण कर्ताओंके नाम इतिहास में दर्ज हे जिनमे मुहम्मद गजनी, अल्लाउद्दीन खिलजी, औरंगजेब आदि शामिल हे।

मंदिर पे आक्रमण हमेशा संपत्ति पाने के लिए और धर्मद्वेष के कारन किया गया। एक कारन यह भी बताया गया हे की – इस्लाम धर्म के उत्पत्ति से पहले अरब राष्ट्रोमे वे लोग जो ३ देवियोंकी पूजा करते थे, उनमेसे एक देवी को एक भक्त सोमनाथ ले आया था और उसने सोमनाथ देव से उस देवी की शादी करा दी। बाद में इस्लाम के निर्माण के बाद, क्योंकि इस्लाम में पुरुषत्व को महत्त्व दिया गया, उन्हें ये देवी की घटना अच्छी नहीं लगी और फिर अरब से आक्रमणकर्ताओंने बार बार उस मंदिर पर आक्रमण किया ताकि वे उस देवी को मिटा सके क्योंकि उनके नजर में स्त्री तत्व का भगवान होना अच्छा नहीं था।

फिलाल जो मंदिर हे उसे १९५१ में भारत के लोह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा बनाया गया हे।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के नजदीकी पर्यटक स्थल:
  • त्रिवेणी संगम घाट : जहा ३ नदिया – सरस्वती, हिरण्या और कपिला एक दूसरे से मिलती हे
  • सोमनाथ समुद्री किनारा : एन्जॉय करने के लिए
  • पांच पांडव गुफा : जहा ५ पांडव अपने कारावास के दौरान ठहरे थे
  • हरिहर वन : टहलने के लिए
  • प्रभास पतन संग्रहालय : गुजरात राज्य का इतिहास जान ने के लिए
  • गिर नेशनल पार्क : जंगली प्राणी देखने के लिए

2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (Mallikarjun Jyotirlinga)

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग अपने आप में खास हे क्योंकि १२ ज्योतिर्लिंगों में केवल यही एकमात्र ज्योतिर्लिंग हे जो भगवान शिव के साथ साथ माँ पार्वती को भी समर्पित हे। इतना ही नहीं यही अकेला ऐसा ज्योतिर्लिंग हे जो एक शक्तिपीठ भी हे क्योंकि माता सती के मृत्यु के बाद उनके शरीर के जो अवशेष पृथ्वी पर गिरे थे उनमेसे एक टुकड़ा इस ज्योतिर्लिंग के पास गिरा था।

मल्लिकार्जुन शब्द २ नाम से बना हे, “मल्लिका + अर्जुन = मल्लिकार्जुन”। मल्लिका माँ पार्वती का नाम हे और अर्जुन शिवजी का नाम हे।

Image Credit: chennaistartravels.com | Google Search console | Mallikarjun Jyotirling

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश राज्य में कर्नूल ज़िले के श्रीसैलम नामक शहर में पहाड़ी पर स्थित हे जहा बाजु से कृष्णा नदी बहती हे।

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग कैसे जाए
  • नजदीकी रेल्वे स्टेशन 
  • नजदीकी बस स्टेशन   
  • नजदीकी एयर पोर्ट       
  • नजदीकी हैली पोर्ट 

: मार्कापुर रेलवे स्टेशन, मल्लिकार्जुन मंदिर से ८५ km की दूरी पर।
: श्रीसैलम बस स्टैंड, मल्लिकार्जुन मंदिर से १ km की दूरी पर।
: राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मल्लिकार्जुन मंदिर से २०० km की दूरी पर।
: कर्नूल हैलीपोर्ट, मल्लिकार्जुन मंदिर से ८ km की दूरी पर।

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा

शिव और पार्वती के पुत्र गणेश जी और कार्तिकेय जी के बिच एक दिन कलह हुआ की किसकी शादी पहले होनी चाहिए। इसके निवारण हेतु दोनों शिव-पार्वती के पास गए। तब शिव-पार्वती ने उनसे कहा की जो भी सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा कर लौट आएगा, उसकी शादी पहले होगी।

कार्तिकेय जी तुरंत अपने मोर पर सवार होकर पृथ्वी की परिक्रमा करने चले गए, लेकिन गणेश जी के पास उनका वाहन था चूहा जिसपर बैठकर वे जल्दी परिक्रमा नहीं कर सकते थे। वाहन तो उपयोगी नहीं था, लेकिन गणेश जी की बुद्धि काफी बड़ी थी। उन्होंने माता-पिता को एक आसान पर बैठने कहा और और उनकी परिक्रमा करनी शुरू कर दी। जब सात परिक्रमाए पूरी हो गयी, तब शिव-पार्वती ने पूछा, “गणेश ये तुम क्या कर रहे हो।”

तब गणेश जी ने बताया, “हर इंसान के लिए माता-पिता ब्रम्हांड स्वरुप हे, मैंने आपके १ के बजाये ७ चक्कर लगाए हे जिससे मुझे, पृथ्वी ही क्या बल्कि ब्रम्हांड की परिक्रमा करने कि फल मिला हे, इसीलिए में पृथ्वी की परिक्रमा करने कि स्पर्धा जित चूका हूं।

गणेश जी की इस सदसद्विवेक से शिव-पार्वती खुश हुए और उन्होंने उनकी शादी भी करा दी। बादमे जब कार्तिकेय पृथ्वी की परिक्रमा कर लौट आये, तो उन्होंने देखा की गणेश जी कि विवाह हो चूका हे। इस बात से वे नाराज हो गए और अपने माता-पिता के पेअर छू कर वहा से चले गए। कार्तिकेय शिव-पार्वती से दूर जाकर क्रौंच पर्वत पर रहने लगे।

अपने बेटे को समझाने हेतु, शिव जी ने नारद जी को कार्तिकेय के पास भेजा। नारद जी की काफी कौशिक के बावजूत भी कार्तिकेय वापिस नहीं लौटे। अपने बेटे की यह अवस्था देख, शिव-पार्वती ने निश्चय किया की वे खुद कार्तिकेय को समझाने जायेंगे और वे दोनों एक अमर्याद प्रखर प्रकाश के स्तंभ के रूप में क्रोंच पर्वत पर प्रकट हुए। लेकिन तब तक कार्तिकेय जी को उनके आने की खबर मिल चुकी थी और वे वहा से १२ कोस यानि की ३६ km दूर चले गए।

कार्तिकेय के चले जाने पर, शिव जी उसी स्थान पर अपने निराकार रूप से निकलकर एक लिंग के रूप में प्रकट हुए और फिर वही स्थित हो गए। यही लिंग फिर मल्लिकार्जुन नाम से प्रसिद्ध हूआ। कहा जाता ही के शिव-पार्वती ने उस स्थान पर कुछ दिन अर्जुन और मल्लिका के नाम के साथ बिताये थे। इसीलिए इसका नाम मल्लिकार्जुन पड़ा।

क्या कभी मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग पर आक्रमण हूआ ?

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग पर कभी आक्रमण नहीं हूआ और नाही इसे कभी तोडा गया। केवल इसमें कुछ परिवर्तन और सुधार किये गए अलग अलग राज-महाराजों द्वारा। आक्रमण न होने के २ प्रमुख कारन हे। एक तो यह मंदिर पहाड़ पर स्थित हे जहा जाना इतना आसान नहीं और दूसरा यह की यह ज्योतिर्लिंग दक्षिण भारत में स्थित हे जहा उत्तर भारत के मुकाबले कम लड़ाईया लड़ी गयी और यहाँ कभी परकीय आक्रमण हुआ नहीं।

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के नजदीकी पर्यटक स्थल:
  • श्री भ्रमाराम्बा देवी मंदिर – ५२ शक्तिपीठो में से एक
  • नागार्जुनसागर – श्रीसैलम टाइगर रिज़र्व – बाघ और जंगल की सफारी करने के लिए
  • पठाला गंगा रोप वे – रोप वे का आनंद लूटने हेतु
  • अक्कमहादेवी गुफा – कृष्णा नदी से जहाज के सहारे जा सकते हे

3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mahakaleshwar Jyotirlinga)

जो लोग मुक्ति की चाह रखते हे, उनके लिए महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग काफी महत्वपूर्ण हे। यह मंदिर आपको अस्तित्व की जड़ो से हिला देने की क्षमता राखत हे। ऐसा स्वयं सद्गुरु जग्गी वासुदेव जी ने कहा हे जो की एक आत्मज्ञानी गुरु हे और इसीलिए इस मंदिर का महत्त्व और भी बढ़ता हे।

शिव जी यहां अपने महाकाल के रूद्र रूप में प्रकट हुआ थे इसीलिए इसे महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग कहा जाया हे। ‘काल’ का अर्थ होता हे समय और ‘महाकाल’ मतलब समय के स्वामी, अर्थात भगवन शिव। जो व्यक्ति भगवान महादेव का भक्त हे उसे अपनी जिंदगी में १ बार महाकालेश्वर मंदिर जानाही चाहिए।

Mahakaleshwar Jyotirlinga | Image from Google labeled for reuse with modification
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग कैसे जाए

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश राज्य के प्राचीन शहर उज्जैन में क्षिप्रा नदी के बाजु में स्थित हे। १२ ज्योतिर्लंग में यही केवल ऐसा ज्योतिर्लिंग हे जो दक्षिणमुखी हे।

  • नजदीकी रेल्वे स्टेशन 
  • नजदीकी बस स्टेशन   
  • नजदीकी एयर पोर्ट       
  • नजदीकी हैली पोर्ट 

: उज्जैन रेल्वे स्टेशन, महाकालेश्वर मंदिर से २ km की दूरी पर।
: उज्जैन बस स्टैंड, महाकालेश्वर मंदिर से १.५ km की दूरी पर।
: इंदौर एयर पोर्ट , महाकालेश्वर मंदिर से ५७ km की दूरी पर।
: विक्रम यूनिवर्सिटी हैलीपोर्ट, मंदिर से ८ km की दूरी पर।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा

शिव पुराण के अनुसार अवन्ति नगरी में, जिसे आज हम उज्जैन के नाम से जानते हे, वहापर वेदप्रिय नामक ब्राम्हण रहा करते थे। वे अपने घर अग्नि प्रजल्वित कर प्रतिदिन अग्निहोत्र करते थे। और उसीके साथ प्रतिदिन पार्थिव लिंग की स्थापन कर उसकी पूजा करते थे। उस ब्राम्हण के चार पुत्र थे – देवप्रिय, प्रियमेधा, संस्कृत और सूवत्र। वे सभी तेजस्वी तथा माता-पिता के सद्गुणों के अनुरूप थे।

उन्ही दिनों में रत्नमाल पर्वत पर दूषण नामक असुर ने भगवान ब्रम्हा से अजेयता का वरदान प्राप्त कर लिया। सबको सताने के बाद उस असुर ने भारी सेना के साथ अवन्ति नगरी पर आक्रमण कर दिया और उन पवित्र ब्राम्हणो पर भी चढ़ाई कर दी। उस असुर की आज्ञा से ४ भयंकर दैत्य ४ दिशाओमे प्रकट हुए और उन्होंने हाहाकार मचा दिया।

लेकिन इस प्रलय का उन ४ ब्राम्हण पुत्रों पे कोई असर नहीं हुआ और वे शिव जी का पूजन करने लगे। यह देख कर क्रोधित हुए असुर ने उसकी सेना को इन ब्राम्हण पुत्रोंको मारने का आदेश दिया। लेकिन जैसे ही उन्होंने अपने शस्त्र उठाये, जिस स्थान पर ब्राम्हण पुत्रोंने पार्थिव शिवलिंग की स्थापना की थी, वहा एक बड़ा गढ्ढा बन गया और वहा से भगवान शिव एक अखंड प्रकाश के स्तम्भ के साथ अपने महाकाल के रूद्र रूप में प्रकट हुए और उन्होंने केवल अपने हुंकार मात्र से ही उस दानव को भस्म कर दिया। दानव के मरने बाद उसकी सेना तुरंत वहासे भाग गयी।

उसके बाद उन चार ब्राम्हणोकि भक्ति पर प्रसन्ना हुए भगवान महादेव ने उन्हें वर मांगने कहा। तब ब्राम्हण पुत्रोनी महादेव जी से कहा, “हमें मोक्ष प्रदान कर दीजिये और सभी के रक्षा एवं कल्याण हेतु इसी स्थान पर हमेशा के लिए विराजमान हो जाईये”। उनपर प्रसन्न भगवान शिव जी लिंग का रूप धारण कर लिया और वे उस रूप में वही पर हमेशा के लिए स्थित हो गए। यही स्थान फिर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

क्या कभी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर आक्रमण हूआ ?

१२३४-३५ के दौरान मुग़ल आक्रांता – ‘सुल्तान शम्सुद्दीन इल्तुतमिश’ ने उज्जैन पर आक्रमण किया था और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का ढांचा तोड़ दिया था। ऐसा कहा गया ही की आक्रमण के पहले लिंग को अलग कर नजदीकी जलकुंड में छुपाया गया और बादमे फिरसे इसकी प्राणप्रतिष्ठा की गयी।

फिलाल जो मंदिर हे उसे १७३४ में मराठा साम्राज्य के सेनापति राणोजी शिंदे द्वारा बनाया गया हे। बादमे कई मराठा सरदारों द्वारा इसका विकास भी गया हे ।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के नजदीकी पर्यटक स्थल:
  • श्री कालभैरव मंदिर
  • राम मंदिर घाट, ४ में से १ जगह जहा कुम्भ मेला लगता हे
  • भर्तृहरि गुफाए
  • कालियादेह महल, Kaliadeh Palace
  • मंगलनाथ मंदिर
महाकालेश्वर मंदिर तथा शिव जी के महाकाल रूप का सद्गुरु जग्गी वासुदेव जी द्वारा दिया गया ज्ञान निचे की वीडियो में देखिये।

Moral Story in Hindi Kahaniya

Hi, here you will get best Moral Story in Hindi Kahaniya with meaning and learning. If you love Hindi Kahani, you can go through below best Moral Stories in Hindi.

Moral Story in Hindi Kahaniya No. 1:

चुनाव हमेशा हमारे हाथ होता है

काफी सदियों पहले प्रयागराज नामक एक गांव में एक ब्राह्मण रहा करता था। एक दिन उसने यह निश्चय किया की उसे सांसारिक जीवन त्याग कर सत्य की खोज करने निकलना चाहिए। फिर उसने सन्यास ले लिया और वो पास ही के एक जंगल में रहने लगा । दिन रात वो आँखे बंद कर ध्यान करता। लेकिन भोजन की खोज में उसे जंगल से बहार आकर गांव में भिक्षा मांगनी पड़ती थी जिससे उसे हमेशा परेशानी होती थी।

एक दिन जब जंगल वो में सफर कर रहा था तब उसने रास्ते में एक लोमड़ी को घायल हालत में देखा। लोमड़ी के २ पांव टूट चुके थे और वो जरा भी हिल नहीं पा रही थी। इतना होने के बावजूद भी ब्राह्मण ने देखा, लोमड़ी तंदुरुस्त है और उसके चेहरे पर कोई परेशानी नहीं दिखाई पड़ रही।

ब्राह्मण सोच में पड़ गया “ये लोमड़ी चल भी नहीं सकती फिर भी काफी तंदुरुस्त हे, तो इसे खाना कहा से मिलता होगा?” काफी देर सोचने के बाद ब्राह्मण ने ठान लिया की वो इसका राज जान कर रहेगा। फिर उसने उसी जगह ध्यान करने का निश्चय किया।

जब रात हो गयी तब ध्यान करते समय उसे एक शेर की गर्जना सुनाई दी। डर के मारे ब्राह्मण पास ही के एक पेड़ पर चढ़ गया। उसने देखा की शेर के मुंह में एक हिरन हे और वो उसे की तरफ बढ़ रहा हे। जब शेर पास आया तो उसने देखा की शेर ने वो हिरन के मांस का कुछ हिस्सा उस लोमड़ी को दे दिया और फिर शेर वहाँ से चल पड़ा।

ब्राह्मण ये देख सुन्न हो गया। “ये तो प्रकृति के खिलाफ है। ये एक आश्चर्य है।” ब्राह्मण मन ही मन बड़बड़ाया। फिर उसने सोचा ” शायद ये एक दैवी सन्देश है। शायद भगवन इस घटना के सहारे मुझ से कुछ कहना चाहते है। क्या हे वो सन्देश, क्या हे वो सन्देश?”

काफी समय बीतने के बाद जय उसे वो सन्देश नहीं मिला तो उसने मन ही मन अपना खुद का सन्देश बना डाला। शायद भगवन मुझसे ये कहना चाहते हे की “इस वीरान जंगल में अगर एक लोमड़ी को अपना भोजन आसानी से मिल सकता हे, तो अरे मुर्ख, तू तो फिर भी एक इंसान हे, तू भोजन की चिंता क्यों करता हे, तू बस ध्यान कर, खाना खुद-ब-खुद तेरे पास चला आएगा।”

फिर क्या था, अगले दिन से उसने खाने की परवाह करे बगैर सिर्फ ध्यान करना ठीक समझा। दिन बीतने लगा, रात हो गयी, मगर खाना नहीं आया। लेकिन ब्राह्मण भी इरादे का पक्का था।  खाने की परवाह किये बगैर वो सो गया। आखिर भगवन का सन्देश जो मिला था। अगले दिन भी उसने सिर्फ ध्यान किया, लेकिन खाना नहीं आया।

दस दिन बीत चुके, खाना आया ही नहीं। ब्राह्मण की हालत ख़राब हो गयी। अब उस से ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। उसी दौरान एक सच्चे सन्यासी गुरु वहाँ से गुजर रहे थे। उन्होंने ब्राह्मण की हालत देखी और पूछा “ये कैसे हो गया।” ब्राह्मण ने गुरुदेव को लोमड़ी की कहानी सुनाई और पूछा “आप ही बताइये, इसमें वाकई भगवान का सन्देश नहीं हे क्या?”

गुरुदेव बोले “यक़ीनन ये के दैवी सन्देश हे। लेकिन तुम ये बताओ, शेर का चुनाव करने के बजाये तुमने अपने आप को लोमड़ी बनाना क्यों चुना?”

गुरुदेव का ये जवाब सुन कर ब्राह्मण को अपनी बेवकूफी समझ आयी और उसने उनके पैर छू लिए।

Moral of the story: चाहे जिंदगी कौन सी भी समस्या खड़ी कर दे, चुनाव हमेशा हमारे हाथ में होता हे।

This was the 1st Moral Story in Hindi. Below is 2nd Moral Story in Hindi.

Moral Story in Hindi Kahaniya No. 2:

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम हे केहना

मिथिला नामक नगरी में एक बूढ़े पति-पत्नी रहते थे। एक दिन उन्होंने शहर जाकर एक गधा खरीद लिया। और फिर वे दोनों गधे पे सवार होकर अपने गांव की तरफ चल पड़े।

जब वे गांव वापिस लौट रहे थे, तब रास्ते में उन्हें एक आदमी मिला। उस आदमी ने दोनों पति-पत्नी और गधे की तरफ देखा और उसने से जोर से कहा “कितने दुष्ट हो तुम, दोनों के दोनों बेचारे गधे के ऊपर बैठ कर जा रहे हो।  बेचारे गधे के लिए तुम्हारे दिल में जरासी भी दया नहीं।” इतना कह कर वह आदमी चला गया।

उस आदमी की ये बात सुन कर पति-पत्नी को बुरा लगा और फिर पत्नी गधे के ऊपर से उतर गयी और पैदल चलने लगी।

फिर रास्ते में उन्हें एक दूसरा आदमी मिला। और उसने कहा “कितना निष्ठुर हे ये आदमी, बेचारी बीवी को पैदल चला रहे हो और खुद आराम से गधे पे सवार है।” इतना कह कर वह आदमी भी चला गया।

दूसरे आदमी की ये बात सुन कर पति तुरंत निचे उतर गया और उसने अपनी पत्नी को गधे पे बिठा दिया। लेकिन तब तक तीसरा आदमी आ चूका था और उसने पत्नी को गधे पे देख कहा “क्या बेवकूफ आदमी हे, इसमें मर्दानगी कुछ बी नहीं, खुद गधे पे बैठने के बजाये पत्नी को बिठा दिया हे।”

ये सुन ने के बाद, पति-पत्नी दोनों गधे पे ना बैठ कर पैदल चलने लगे।

तभी चौथा आदमी आ गया और उसने कहा “क्या बेवकूफ हे ये लोग, गधा साथ होते हुए भी पागल पैदल चल रहे हे।”

ये सुन कर पति-पत्नी अचंबित हो गए।

Moral of the story: लोगोंको सिर्फ कमिया निकालना आता हे, इसीलिए उनकी परवाह न करे और खुद पे भरोसा रखे। 

This was the 2nd Moral Story in Hindi. Below is 3rd Moral Story in Hindi.

Moral Story in Hindi Kahaniya No. 3:

सही निर्णय कैसे ले

प्राचीन भारत में एक संत हुआ करते थे। वे काफी बुद्धिमान थे। उनकी बुद्धिमता के कारन कई लोग उनसे मिलने आते थे और उनके यहाँ हमेशा भीड़ हुआ करती थी।

एक दिन राजा उनसे मिलने आये और उन्होंने देखा की ऐसा बुद्धिमान व्यक्ति उनके मंत्रिमंडल में होना चाहिए। तो उन्होंने संत से कहा “गुरुदेव आप कृपा करके मेरे राज्य का प्रधान मंत्री बन ना स्वीकार करे। क्योंकि आपके जैसा बुद्धिमान व्यक्ति एक पेड के निचे यूँ पूरी जिंदगी बैठकर व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। आपको लोगों के लिए उपयुक्त होना चाहिए।

संत ने कहा, “ठीक हे। में ऐसा करने के लिए तैयार हूँ, पर मेरी एक शर्त हे। मुझे आपके महल में एक कमरा चाहिए जहा में हर दिन १ घंटा बिताऊंगा। आप मुझसे कभी नहीं पूछेंगे की उस कमरे में क्या हे, में वहा क्या करता हूँ, नाही आप कभी उस कमरे में आएंगे और नाही आपके नौकर, सैनिक, गुप्तहेर वहा आएंगे।”

ये सुन कर राजा ने कहा “ये कोई समस्या नही हे। आपको आपका कमरा चाहिए, आप ले लो। भला मुझे इस से क्या तकलीफ हो सकती हे।

फिर वे संत प्रधान मंत्री बन गए। उन्होंने अपना रहने का लहजा, अपना पेहराव सबकुछ बदल दिया। लेकिन जब भी कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना होता था, वे उस कमरे में जाकर १ घंटे के लिए अपने आपको बंद कर देते थे।

फिर कुछ महीने, साल बीत गए और राजा की जिद्यासा बहार आने लगी। राजा जान न चाहते थे की आखिर उस कमरे में क्या हे और ये संत वहा क्या करता हे। महल से सारे लोग बाते करने लगे, आखिर ये आदमी उस कमरे में क्या करता हे, फिर कई तरह की अफ़वाए बढ़ने लगी, शायद वो एक तांत्रिक के, शायद उसने वहा किसीको रखा हे, शायद वो दुश्मन देश का गुप्तहेर हे, और न जाने क्या क्या लोग बोलने लगे।

सबको ये जानना था की उस कमरे में क्या हे, लेकिन वे जब भी यहाँ जाते, कमरे को हमेशा ताला लगा रहता था। सिर्फ संत वहा १ घंटे के लिए जाते थे और बहार आते थे, खास तौर पर, जब भी कोई बड़ा निर्णय लेना होता था ये संत अंदर जाता था।

एक दिन राजा खुदको रोक नही पाए और उन्होंने संत से पूछा, “में जानना चाहता हू की आप उस कमरे में क्या करते हे। संत ने कहा, “राजन तुमने मुज़हे वचन दिया हे और यदि तुम अपना वचन तोड़ोगे तो में यहाँ से चला जाऊंगा।” ये सुन कर राजा चुप हो गए क्योंकि वे उनके जैसा एक बुद्धिमान व्यक्ति खोना नाही चाहते थे।

लेकिन फिर राजा के आजु बाजू के लोग बोलने लगे, आप ये कैसे होने दे रहे हे, अगर उस कमरे कुछ खतरनाक हुआ तो, या फिर ये दुश्मन निकला तो।

एक दिन जब संत महल में नही थे, सब लोग वहा गए और उन्होंने उस कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। उन्होंने देखा कमरा तो पूरी तरह खाली हे। वहा कुछ भी नही। वे सोच में पड़ गए, ये संत यहा क्या करता होगा। फिर उन्हें कोने में कुछ पुराने कपडे दिखाई दिए जिनके साथ एक भिक मांगने का भिक्षा पात्र था। राजा को समझ नही आया ये सब क्या हे।

तभी वे संत वहा आये और उन्होंने कहा,”राजन, तो आखिर आपने कमरा देख ही लिया। राजा ने पूछा,”आखिर आप यहा क्या करते हो।”

संत ने कहा, “देखो राजन, जब भी मुझे कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना होता हे, में यहा आता हू, ये पुराने कपडे पहनता हू और हाथ में वो भिक्षा पात्र लेके १ घंटे के लिए बैठ जाता हू। में नही चाहता की ये महल, ये कपडे, ये जेवर, इन सभी का मेरे निर्णय पर कोई प्रभाव हो। में हमेशा एक स्पष्टता के साथ निर्णय लेना चाहता हू। ये सबकुछ बस उसी के लिए हे।

लेकिन राजन, क्योंकि तुमने अपनी कसम तोड़ दी हे , तो में अब यहा नही रेह सकता और वे संत वहा से चले गए।

Moral of the story: जीवन में जब कभी कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना हो, तब अपने आजु बाहु की परिस्तिथिको अपने ऊपर हावी न होने दे, तभी आप सही निर्णय ले पाएंगे।

This was the 3rd Moral Story in Hindi. Below is 4th Moral Story in Hindi.

Moral Story in Hindi Kahaniya No. 4:

Leadership क्या होती हे

एक दिन एक शेर अपने ताकद और शौर्य पर अच्छा महसूस करने लगा। वो जंगल से टहल रहा था, तभी एक खरगोश वहा से गुजरा। शेर ने खरगोश को पकड़ा और गर्जा, “बताओ, जंगल का राजा कौन हे?” बेचारा खरगोश डर से कापने लगा, उसने कहा,”आप, आप महाराज, बेशक आप। “

फिर शेर ने उसे जाने दिया, थोडीसी अकड़ दिखाई, फिर उसे एक लोमड़ी मिली और उसने उसे दबोचा,”बताओ, जंगल का राजा कौन हे?” “ओह मेरे महाराज, बेशक आप, दूसरा कोई नही पर सिर्फ आप।” लोमड़ी ने जवाब दिया।

फिर शेर ने और थोड़ी अकड़ दिखाई, और कुछ जानवरों को पकड़ा, सब डर के मारे चीखने लगे, “आप ही जंगल के राजा हे।”

अब शेर पूरी अकड़ में आ चूका था और पुरे जंगल में गर्जना करते घूमने लगा। तब उसने एक हाथी को तालाब में पानी पीते देखा। वो वहा गया, हाथी के सामने खड़ा हो गया और उसने रौफ जमाते हुए पूछा, “बताओ, जंगल का राजा कौन हे।”

हाथी ने अपनी सूंढ़ निकली, शेर के शरीर पर लपेटी, उसे उठाया, थोड़े झटके दिए, और उसे जोर से जमीं पर पटक दिया।

शेर की पिट टूट गयी और उसने हलके आवाज में कहा,”तुम सिर्फ जवाब भी तो दे सकते थे।” हाथी ने हसकर कहा,” देखो, मुझे मेरी बात साबित भी करनी थी।”

मोरल ऑफ़ थे स्टोरी : बहोत सारे लोग सोचते हे की leadership का मतलब दूसरों के ऊपर अपना दबाव बनाना। दूसरों के ऊपर दबाव बनाना ये कोई management नही हे, नही तो कोई भी मुर्ख इसे कर लेता। Leadership का मतलब हे एक जिम्मेदारी, न की कोई ताकद। हम अक्सर सोचते हे leader मतलब एक निर्दयी, असंवेदनशील व्यक्ति जो हमेशा अपना रौफ जमाता हे। ये कभी भी एक अच्छे leader के पहचान नही हो सकती। Leadership आती हे संवेदनशील भावना से। Leader का मतलब आप वो देख पा रहे हे, जो अभी तक आपके आजु बाजू के लोगो ने नही देखा। तभी आप एक लीडर हे, वरना नही। लोग complaint लेके आते हे, आप तुरंत विरोध करते हे, ये कोई leadership नही ने। Leadership का मतलब आप में वो देखने की क्षमता हे, जिसे बाकि लोग नही देख पा रहे हे। Leadership मतलब आपकी दूरदृष्टि आपके आस पास के लोगोंसे काफी बड़ी हे।

This was the 4th Moral Story in Hindi. Below is 5th Moral Story in Hindi.

Moral Story in Hindi Kahaniya No. 5:

परिंदे की ३ शिक्षाए

एक दिन एक शिकारी ने एक छोटे परिंदे को पकड़ा। वो उसे मरने ही वाला था तब उस पंछी ने कहा, “देखो तुमने जिंदगी में कई बड़े जानवर मारे और खाये हे, फिर भी इसने तुम्हारे भूक हो शांत नही किया। में एक छोटा पंछी हू, मुझे मार के तुम्हे के क्या मिलेगा। अगर तुम मुझे जाने दोगे, तो में तुम्हे जिंदगी की ३ सबसे महत्वपूर्ण शिक्षाए दूंगा जिस से तुम्हारी जिंदगी उम्मीद से कही ज्यादा अमीर हो जाएगी।

पंछी ने आगे कहा, “पहली शिक्षा में तुम्हे तब दूंगा, जब में तुम्हारे हाथ में हूँगा। दूसरी, जब में तुम्हारे छत पारा हूँगा। और तीसरी, जब में पेड की सबसे उची टहनी पे हूँगा। “

शिकारी ने उस पंछी की तरफ देखा, पंछी काफी छोटा था। इस से तो नाश्ता भी ठीक से नही हो सकता था। तो उसने पंछी की बात मान ली और कहा, “ठीक हे, चलो दे दो मुझे वो ३ शिक्षाए।”

पंछी ने पहली सीख दी, “कोई भी कथन हो, फिर चाहे जो कोई भी वो करे, उस पर तुम कभी भी आँख बंद कर विश्वास न करना।

फिर वो उसके हाथ निकला गया, ऊपर छत पे जाके बैठा और उसने कहा, “अरे मुर्ख, तुमने मुझे जाने दिया। तुम्हे पता हे मै कौन हू? मेरे पेट में एक हिरा हे जिसका वजन २ किलो हे।”

ये सुन कर शिकारी अपने दुर्भाग्य पर अफ़सोस करने लगा, “अरेरे, इतना बड़ा हिरा, मैंने यूँही जाने दिया, में सच में एक मुर्ख हू।”

पंछी ने उसकी तरफ देखा और कहा, ” तुम सच में मुर्ख हो, मैंने अभी अभी तुम से कहा, कोई भी कथन हो, उस पर तुम्हे कभी भी आँख बंद कर विश्वास नही करना चाहिए। पर तुमने नही मन। मुझे देखो, मेरा वजन सिर्फ ५० ग्राम हे, भला मेरे पास २ किलो का हिरा कैसे हो सकता हे।

पंछी ने आगे कहा, “कोई बात नही, तुम्हारी दूसरी सीख ये हे – कभी भी पीछे मुड़के मत देखो और भूतकाल की किसी भी चीज़ का पछतावा मत करो।” इतना कह कर वो छत से निकल कर पेड पर जा बैठा।

इतना बताने के बावजूद वो शिकारी रोने और चीखे ने लगा, “नही, तुमने मुझे बेवकूफ बनाया। पहले मेरे हिरे का नुकसान किया और अब कह रहे हो की पछतावा ना करू।” और फिर काफी देर तक खेद करने के बाद जब वो थोड़ा संभल गया तब उसने पंछी से पूछा, “अच्छा, ठीक हे, पछतावा मत करो, अब बताओ, तीसरी शिक्षा क्या हे?

पंछी ने कहा, “तुमने पहले ही मेरी २ शिक्षाए नही मानी, अब तिसरी शिक्षा देके क्या फायदा। ‘कभी भी अपनी ऊर्जा एवं बुद्धिमता उनपर व्यर्थ मत करो जो तुम्हारी नही सुनते’। यही तुम्हारी तीसरी शिक्षा हे।” इतना कह कर वो पंछी उड़ गया।

This was the 5th Moral Story in Hindi. Below is 6th Moral Story in Hindi.

Moral Story in Hindi Kahaniya No. 6:

विनाश-काले विपरीत बुद्धि

एक सुतार अपनी कार्यशाला बंद करके घर चला गया। जब वह चला गया, तब एक जहरीले सांप ने उसकी कार्यशाला में प्रवेश किया।  
सांप काफी भूखा था और खाने की तलाश में उसने एक डंडे पे चढने की कोशिश की। लेकिन जैसेही वह चढने लगा डंडा निचे गिर गया और सांप एक छोर से दूसरे छोर तक फिसल गया और फिसलते हुए अंत में वह एक कुल्हाड़ी से जा टकरा और घायल हो गया।  
इस से सांप को काफी ग़ुस्सा आया और बदला लेने हेतु उसने कुल्हाड़ी को जोर से काट लिया। लेकिन सांप के काटने से धातु की कुल्हाड़ी को क्या हो सकता था? इसके बजाय सांप के मुंह से खून निकलने लगा। 
इस से और ज्यादा ग़ुस्सा होकर सांप ने अपने शरीर से कुल्हाड़ी को लपेट लिया और उसका गाला घोटने की कौशिक की। लेकिन परिणाम तो उलटा ही होना था। 
अगले दिन जब सुतारने अपनी कार्यशाला खोली, उसने कुल्हाड़ी के ब्लेड के आसपास मृत सांप को पाया।  

Moral of the story: कभी-कभी गुस्सा होने पर हम दूसरों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, हमें एहसास होता है कि हमने खुद को और अधिक नुकसान पहुँचाया है। यह जरूरी नहीं है कि हम हर चीज पर प्रतिक्रिया करें। कदम वापस रखें और अपने आप से पूछें कि क्या मामला वास्तव में जवाब देने लायक है।

This was the 6th Moral Story in Hindi. Below is 7th Moral Story in Hindi.

Moral Story in Hindi Kahaniya No. 6:

बुद्धिमान संत की शिक्षा

पाटलिपुत्र नामक शहर में एक बुद्धिमान संत रहा करते थे। गांव के कुछ लोग बार बार एक ही समस्या लेकर संत के पास आते थे। 
  
एक दिन संत ने उन सब लोगोंका एक चुटकूला सुनाया। लोग काफी हसने लगे। 
  
फिर कुछ देर संत चुप रहे और फिर उन्होंने वही चुटकुला वापिस सुनाया। वही चुटकुला वापिस सुन कर केवल कुछ ही लोग हल्कासा मुस्कुराये। 
  
संत वापिस कुछ देर चुप रहे और उन्होंने तीसरी बार वही चुटकुला सुना दिया। लेकिन इस बार कोई नहीं हँसा । 
  
फिर वे बुद्धिमान संत मुस्कुराये और बोले, "जब तुम एक चुटकुले पर बार बार नहीं हस  सकते, तो एक ही समस्या पर बार बार क्यों रोते हो।"
  
Moral of the story: चिंता करने से आपकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, इस से केवल आपका समय और ऊर्जा बर्बाद होगी। ___________________________________________________________________________________________
If you enjoyed these Moral Story in Hindi Kahaniya, please mention in comment. This will motivates us. If you have any other good Hindi Kahani with you and if you want we to put it here, please send mail to nitinbachhav1@gmail.com. Please mention "Moral Stories in Hindi" in subject line while sending the mail.

Thank you !! Bye Bye !!

How to find Jobs in Dubai for Indians

Hi, I know many of you are always searching for – “jobs in Dubai for Indians”, but very few knows the proper ways to find jobs in Dubai from India. Hence, in this article, I am going to show you 9 best ways by which you can easily find your dream job in Dubai.

How to find Jobs in Dubai from India
How to find Jobs in Dubai from India

Before going through list of ways by which someone can get a job in Dubai, let me show you the Job-profiles which are in demand in Dubai and other Gulf countries.

Profiles-in Demand in Dubai and other Gulf countries:

  • Civil and Mechanical Workers and labors
  • Technicians, Mechanics, Site Supervisors, etc.
  • Civil/Mechanical/Electrical/Chemical Engineers, etc.
  • Manager Profiles like Site In-charge, Project Managers, Sales Managers, HR, etc.
  • IT and Software Developers, Application Developers, IT Project Managers, etc.
  • Finance Managers, Financial Planning Analysts, Accountants, etc.
  • Paralegals
  • Teachers, Professors, Principals
  • Medical, Healthcare, Nursing
  • Hotel Industry, Hospitality, Tourism

Below are 9 best ways to find Jobs in Dubai for Indians

1st way: Assignment Abroad News Paper – Overseas Assignments

If you are living in Mumbai or nearby cities from where, you can come to Mumbai within 4-5 hours and only if your profile is related to Civil Engineering, Mechanical Engineering, Chemical Engineering or Electrical Engineering, this News Paper is treasure for you.

However, if your profile is different than which has mentioned above, don’t waste your time on reading this point and move to 2nd way directly.

Below image shows how this news paper looks like.

jobs in dubai for indians
Assignment Abroad News Paper – Overseas Assignments
What this News Paper is about:

This news paper basically shows Face to Face interviews happening at “Mumbai based Dubai Job Consultancies'” There are more than 100 Dubai Job Consultants at Mumbai where Gulf Companies HR come from Gulf to Mumbai for Face to Face Interview. All such Interview details are available in Assignment Abroad News Paper.

This News paper comes every Wednesday & Saturday and is available on internet on paid basis so that you don’t have to worry for bringing it from your morning paper delivery boy as it is not available for all locations.

In each paper, more than 500 Job openings gets posted. 95% Job openings are of worker, technician and supervisor level category and 5% of Engineer Levels.

Subscription Charges of Assignment Abroad News Paper:

As said earlier, it is on paid basis and subscription charges are as below.

  • 1 Year Subscription charges – Rs. 975 /-
  • 6 Month Subscription charges – Rs. 500 /-
  • 3 month subscription charges – Rs. 350 /-

You can prefer for 6 month subscription as mostly you will get job within 3-5 months so no need to subscribe for entire year.

Click here for Assignment Abroad News Paper subscription.

Interview Location through Assignment Abroad News Paper:

Interview location for all jobs mentioned in this news paper is Mumbai only which means that you will have to go to Mumbai for the interview. If you cannot go to Mumbai, no need to subscribe for this news paper.

Also note, just by checking job post and interview date, do not go directly for the interview. First call to that consultancy and confirm with him. Few consultants provide Interview pass which they check on interview date and only those who are having valid pass are allowed for the interview. Also note, consultant address and interview venue can be different

You can also check with consultant the list of documents which are required for interview. If he do not provide; don’t worry, below I am giving list of documents which are required for the interview.

List of Documents required for Face to Face Interview:

All documents listed below are mandatory to bring at the time of Face to Face Interview. You will have to carry original documents and minimum 2 sets of photocopies.

  • Resume
  • Minimum 5 passport size photos
  • Passport
  • Mark-sheet of 10th Standard
  • Mark-sheet of 12th Standard
  • Degree/Graduation Certificate
  • Mark-sheets of your Degree/Graduation all years (If any missing, it is okay)
  • Experience Certificates of all previous employers
  • Appointment Letters of all previous employers. (If any missing, it is okay)
  • Last 6 month salary slips of last employer (at least last 3 months are required)
  • Adhar Card, PAN Card
  • Voter ID card, Driving License, Domicile Certificate (if not available, it is okay)

Once you go to interview, you will see around 50 -150 other guys who are also came for the interview. So, there is competition as well.

How they take interview:

Please note, it is on spot selection process and if you gets selected and accept the offer, they will take your passport in their custody. The reason why they took your passport is that they provide you VISA freely and they are going to spend money on your VISA. So, they need assurance that you are going to Dubai for their Job.

Below video shows how interview happens at Mumbai based consultancies.

Face to Face Interview at H.R. International which is Dubai Job Consultancy located in Mumbai
Precautions:

Please note, there are lots of cheaters, who will ask money from you and you will get cheated. No need to spend any money for Mumbai based small consultants. There are 5% consultants who are genuine and ask for money initially itself; however, it is always confusing to whom we could trust. So it is better, not to go for paid consultants when 95% are free.

This was all about our 1st way to find Jobs in Dubai for Indians. Below is 2nd way.

2nd way: Naukri.com India website

Naukri.com, as you might know, is India’s No. 1 job website and trust me it is easy to find Jobs in Gulf Countries from naukri.com. All India based Gulf consultants are continuously searching for candidates at naukri.com. All types of profile holders can get job easily through naukri.com. My first Gulf Job was through naukri.com.








Firstly, you should always ensure that your naukri profile is updated as recently updated profiles reflects first for recruiter. Secondly, please mention your Desired Work Location as – Dubai, UAE, Qatar, Bahrain etc. at naukri.com so that recruiters can reach you with these location keywords.

Benefits of using naukri.com is that together with Gulf Jobs, you can also search Indian jobs at same platform.

Interview Process through naukri.com is as below.

  • Mostly you will get E-mail from consultant on your E-mail ID registered at naukri.com and he will ask you to provide your documents for evaluation. If you gets shortlisted, they will arrange your telephonic interview. Few times they take Skype interview as well. So, create your Skype account and be ready with Skype ID. Few consultants will ask you to to visit their office and give Face to Face Interview as well. You will have to bring all documents which I have listed in 1st way of “How to find jobs in Dubai for Indias”
  • Many Dubai companies calls you directly as well and they take either Telephonic or Skype Interview and select you. This is very easy way of selection.

Again, do not spend any money online as you will receive lots of spam E-mails by fraud people.

3rd way: LinkedIn

My 2nd Gulf Job offer I got through LinkedIn.com and these days, many recruiters are shortlisting candidates through their LinkedIn profile. Even many recruiters who get your profile by some other source, asks you to share your LinkedIn profile. So, please create your LinkedIn profile in detail and if you are posting something which is related to your Job Profile at LinkedIn, it will add an advantage as recruiters these days going through in detail at LinkedIn profile as it helps them to understand what kind of person you are.







Interview process through LinkedIn is same as of naukri.com. Either consultant or direct company will call you.

4th way: Facebook

This may sound you odd, but yes, you can find “Jobs in Dubai for Indians” at Facebook also. There are lots of Facebook pages available where daily they post lots of job opportunities. All of us have Facebook account and you just need to like all such Facebook pages related to Gulf Jobs and daily you can see opportunities there. One of my friend who is Elevator technician got a job through Facebook advertise pages.

Jobs in Dubai for Indians
Facebook pages and groups for Dubai Jobs

Mostly all job postings on Facebook are of consultants. Do not expect direct call from Gulf Company through Facebook.

Top profile jobs like Finance Analyst, Sales Manager, Project Manager etc are also gets posted on various Facebook pages. So it recommended to like such pages. You can also join Facebook groups related to Dubai Jobs. Before liking any page, first check what jobs are getting posted at that page and if they matches with your profile, you can like them. Same you can do with Facebook Groups.

5thway: Asiapower Overseas Employment Services

This is comparatively big Job consultancy having it’s head office at Mumbai and branches Delhi, Chennai, Vadodara, Kochi and Bangladesh, Nepal too. You can find it’s Job-advertisements at Assignment Abroad News Paper as well which we have discussed in Point No. 1








This is trusted paid service and very costly – Rs. 11,800/Year subscription charges which means before even applying for any Job, you have to pay them for a year and only if your profile is related to Civil/Mechanical/Chemical/Electrical/ONGC, you can subscribe for this. You can view job openings at their website freely and if you see that jobs getting posted are relevant to your profile, you can think of subscription.

I do not recommend to invest this much money initially, however if you are financially good and in hurry or if you are waiting since long to get a job in Dubai , you can think of subscription. Before subscription, please call them and ask that if you do subscription now, would you have to pay additionally after getting Job Offer.

Their interview process is same like other small consultancies. Once you do subscription, you have to create your profile and start applying for Job and if your profile gets shortlisted, they will call you to visit their office for Face to Face interview.

Following is the link for AsiaPower: http://www.asiapower.in

6th way: Jerry Varghese Website

This is another well-known name for Gulf Job seekers. Their head-office is located at Mumbai and this is free service for job seekers. You just need to create your profile at their website and go on applying the Jobs.








They provide almost all profile jobs including IT, Software Developer, Finance Analyst, Medicals, Hospitals, Hotels, Hospitality along with Civil/Mechanical field Jobs.

Their interview process is same as of AsiaPower Overseas as discussed in previous point.

Following is the link for Jerry Verghese: http://www.jerryvarghese.com

7th way: India Based Gulf Job Consultancies

In this article -“How to find jobs in Dubai for Indians”, you have heard this name – “consultancy” many times and the reason is 70% Jobs of Dubai from India are through them. Even AsiaPower and Jerry Verghese are consultancies. Only they are comparatively big, hence categorized separately to get more attention.

There more than 100 Dubai Job consultancies available in India and majority of them are from Mumbai.

Below are some Top Consultancies which you can trust easily.

  1. G Gheewala Human Resources Consultants – www.ggheewala.com
  2. H.R. International – www.hrinternational.in
  3. Ambe International – www.ambeinter.com
  4. ASMACS – www.asmacsgroup.net
  5. Soundlines – www.soundlinesgroup.com

Apart from these, there are many more good consultancies available. All Mumbai based consultants names you can find in Assignment Abroad News Paper which we have discussed in Point No. 1.

What you have to do with these consultancies:

What you have to do is, just call these consultants one by one and ask for available job opportunities. If any opportunity available, they will tell you in phone call itself or they will ask you to send your resume to their Email ID. Most of them do keep your resume in their data base and if any opportunity in future, they will notify you by sending E-mail to your E-mail ID mention in your resume.

Also, if you are visiting Mumbai for any interview, keep 10 resume and document sets with you. There are many consultancies which are located at same area in Mumbai and you can directly visit their office and submit the resume. I have done this in my initial days. The list of documents which you must carry is same as mentioned in 1st way.

8th way: Specific Job-Websites for Gulf jobs

Similar to naukri.com, there are other specific Gulf Country websites which are only for Gulf Jobs. You can create your profile at any one of them and start searching for Jobs.

Below are best 5 Job websites where all Dubai Jobs gets posted.

  1. www.bayt.ae (Most famous and considered as Middle East’s No. 1 Job Site)
  2. www.indeed.ae
  3. www.efinancialcareers-gulf.com (Specially for Finance, Banking, IT jobs)
  4. www.careerjet.ae
  5. www.monstergulf.com

You don’t need to create profile at all these website as it will be time consuming to manage all. I suggest along with naukri.com, you can use one single website out of above five.

You will have to go either through telephonic interview or Skype interview, if your profile gets shortlisted. No need to pay any money through these websites.

9th way: References

This is most easiest way, but at the same time very far from most of us. If any of your friend or relative is working in Dubai and if he refers you in his company, chances of you getting selected are high.

All Dubai employers prefers candidates through references as it provides more trust for them while selecting.

If you do not have any friend or relative who is working in Dubai, you can search for Dubai employees at LinkedIn and you can send them professional messages. Believe that there will be someone who will help you.

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So, this was all about how to find Jobs in Dubai for Indians. I hope you have found this article helpful. If you have any doubt or need more information, please mention in comment box.

Thank You !! Bye Bye !!

How to find Jobs in Dubai from India

Dubai, the city of ultramodern architectures, sandy beaches, luxurious lifestyle and many more. In 20th century, it is dream of many people around the world to visit Dubai and enjoy the city. People are also shifting to Dubai for Jobs as together with topmost lifestyle, they can earn more.

Almost 90% population of UAE is made up of expatriates and foreign working professionals which mostly includes population from India, Pakistan, Philippines etc.

If you are also looking for jobs in Dubai, or any other Gulf country like Qatar, Bahrain, Oman, Saudi Arabia, Kuwait etc., but don’t know how to go there, don’t worry; this article will tell you all possible ways by which anyone can find jobs in Dubai.

Before going through list of ways by which someone can get a job in gulf, please go through below Job-profiles which are in demand in Dubai and other Gulf countries.

  1. Civil and Mechanical Workers and labors
  2. Technicians, Mechanics, Site Supervisors, etc.
  3. Civil/Mechanical/Electrical/Chemical Engineers, etc.
  4. Manager Profiles like Site In-charge, Project Managers, Sales Managers, etc.
  5. IT and Software Developers, Application Developers, IT Project Managers, etc.
  6. Finance Managers, Financial Analysts, Accountants, etc.
  7. Paralegals
  8. Teachers, Professors, Principals
  9. Medical, Healthcare, Nursing
  10. Hotel Industry, Hospitality, Tourism
  11. Human Resources

Below are 8 best ways to find Jobs in Dubai and other Gulf countries.

  1. Assignment Abroad News Paper – Overseas Assignments

If you live in Mumbai or nearby cities from where you can come to Mumbai in 4-5 hours and only if your profile is related to Civil Engineering, Mechanical Engineering, Chemical Engineering or Electrical Engineering, this News Paper is treasure for you. However, if your profile is different, don’t waste your time on reading this segment.

Below image shows how this news paper looks like.

This news paper basically shows Face to Face interviews happening at Mumbai based Dubai Job Consultancies. There are more than 100 Dubai Job Consultants at Mumbai where Gulf Companies HRs come from Gulf to Mumbai for Face to Face Interview. All such Interview details are available in Assignment Abroad News Paper.

This News paper comes every Wednesday & Saturday and is available on internet on paid basis so that you don’t have worry about bringing it from your morning paper delivary boy as it is not available for all locations.

In each paper, more than 500 Job openings gets mentioned. 95% Job openings are of worker, technician and supervisor level catagory and 5% of Engineer Levels.

As said earlier, it is on paid basis and subsciption charges are as below.

  • 1 Year Subscription charges – Rs. 975 /-
  • 6 Month Subscription charges – Rs. 500 /-
  • 3 month subscription charges – Rs. 350 /-

You can prefer for 6 month subscription as mostly you will get job within 3-5 months so no need to subscribe for entire year.

Please click on follwoing link for subscription: https://aatepaper.vasttech.in/Registration.aspx

Please note, interview locations for all jobs mentioend in this ePaper is Mumbai only which means that you will have to go to Mumbai for the interveiw. If you cannot go to Mumbai, no need to subscribe for this ePapaer.

Also note, just by checking job post and interview date, do not go directly for the interview. First call to that consultancy and confirm with him. Few consultants provides Interview pass which they check on interview date and only those who are having valid pass are allowed for the interivew. Also note, consultant address and interview venue can be different.

You can also check with consultant the list of documents which are required for interview. If he do not provide, don’t worry. Below is the list of documents which are required at the time of interview.

List of Documents required for Face to Face Interview

All documents listed below are mandatory to bring at the time of Face to Face Interview. You will have to carry original documents and minimum 2 sets of photocopies.

  1. Resume
  2. Minimum 5 passport size your photos
  3. Passport
  4. Mark-sheet of 10th Standard
  5. Mark-sheet of 12th Standard
  6. Degree Certificate – Mandatory
  7. Mark-sheets of your Degree all years (If any year mark-sheet not available, it is okay)
  8. Experience Certificates of all previous employers
  9. Appointment Letters of all previous employers. (If any missing, it is okay)
  10. Last 6 month salary slips of last employer (at least last 3 months salary slips are required)
  11. Adhar Card, PAN Card
  12. Voter ID card, Driving License, Domicile Certificate (if not available, it is okay)

Once you go to interview, you will see around 50 -150 other guys who are also came for the interview. So there is competetion as well.

Please note, it is on spot selection process and if you gets selected and accept the offer, they will take your passport in their custody. The reaosn why they took your passport is they provide VISA freely and they are going to spend money on your VISA. So they need assuarance that you are going to Dubai for their Job.

Also note, there are lots of cheaters, who will ask money from you and you will be get cheated. No need to spend any money for mumbai based small consultants. There are 5% consulatants who are geniun and ask for money initially iteslf; however it is always confusing to whom we can trust. So it is better, not to go for paid consultants when 95% are free.

This was all about our 1st way to get Jobs in Dubai and other gulf countries. Below is 2nd way.

2. Naukri.com India website.

Naukri.com, as you might know, is India’s No. 1 job website and trust me it is easy to find Gulf jobs from naukri.com. All India based Gulf consultants are continuously searching for candidates at naukri.com. All types of profile holders can get job easily through naukri.com. My first Gulf Job was through naukri.com only.






You should always ensure that your naukri profile is updated as recently updated profiles reflects first for recruiter. Also please mention your Desired Work Location as – Dubai, UAE, Qatar, Bahrain etc. at naukri.com so that recruiters can reach you with these location keywords.

Benefits of using naukri.com is that together with Gulf Jobs, you can also search Indian jobs at same platform. There are specific Gulf Job websites are also available where you can find jobs for only gulf countries. We will discuss on them in detail at Point No. 8. However, they will give you jobs in Gulf only. As an Indian, along with Gulf Job search, we also search for better opportunities in India so if you have naukri profile, it is easy to search Jobs for both locations – India and Gulf at same platform.

Interview Process through naukri.com is as below.

  • Mostly you will get E-mail from consultant on your E-mail ID registered at naukri.com and he will ask you to provide your documents for evaluation. If you gets shortlisted, they will arrange your telephonic interview. Few times they take Skype interview as well. So create your Skype account and be ready with Skype ID. Few consultants will ask you to to visit their office and take Face to Face Interview as well. You will have to bring all documents which I have listed in Point No. 1.
  • Many of Dubai companies calls you directly and they take your Telephonic or Skyp Interview and select you. This is very easy way of selection.

Again, do not spend any money online as you will receive lots of spam E-mails by fraud people.

3. LinkedIn

My 2nd Gulf Job offer I got through LinkedIn.com and these days, many of recruiters are shortlisting candidates through their LinkedIn profile. Even many of recruiters who got your profile by some other means, they ask you to share your LinkedIn profile. So, please creat your LinkedIn profile in detail and if you are posting something which is related to your Job Profile, this will add an advantage as recruiters these days going throguh in detail at your LinkedIn profile as it helps them to know what type of person you are.






Interview process through LinkedIn is same as of naukri.com. Also don’t forget to keep your LinkedIn profile updated.

4. Facebook

This may sound you odd, but yes, you can find gulf jobs at Facebook also. There are lots of Facebook pages available where daily they post lots of job opportunities. All of us have Facebook account and you just need to like all such Facebook pages related to Gulf Jobs and daily you can see opportunities there. One of my friend who is Elevator technician got a job through Facebook advertise pages.

Mostly all job postings on facebook are of consultants. Do not expect direct call from Gulf Company through facebook.

Top profile jobs like Finance Analyst, Sales Manager, Project Manager etc are also gets posted of various Facebook pages. So it recommended to like such pages. You can also join Facebook groups related to Dubai Jobs. Before liking any page, first check what jobs are getting posted at that page and if they matches with your profile, you can like them. Same you can do with Facebook Groups.

5. ASIAPOWER Overseas Employment Services

This is comparatively big Job consultancy having it’s head office at Mumbai and branches Delhi, Chennai, Vadodara, Kochi and Bangladesh, Nepal too. You can find it’s Job Vacancy advertisements at Assignment Abroad News Paper as well which we have discussed in Point No. 1







This is trusted paid service and very costly Rs. 11,800/Year subscription charges which means before even applying for any Job, you have to pay them for a year and only if your profile is related to Civil/Mechanical/Chemical/Electrical/ONGC, you can subscribe for this. You can view job openings at their website freely and if you see that jobs getting posted are relevant to your profile, you can think of subscription.

I do not recommand to invest this much money initially, however if you are finacially good and in hurry or if you are waiting since long for Dubai Jobs, you can think of it. Before subsrciption, please call them and ask that if you do subscription now, will you have to pay additionally after getting Job Offer.

Thier interview process is same like other small consultancies. Once you do subscription, you have to create your profile and start applying for Job and if your profile gets shortlisted, they will call you to visit their office for Face to Face interview.

6. Jerry Varghese Website

This is another well-known name for Gulf Job seekers. Their head-office is located at Mumbai and this is free service for job seekers. You just need create your profile at their website like naukri.com and go on applying for Jobs.






They provide almost all profile jobs including IT, Software Developer, Finance Analyst, Medicals, Hospitals, Hotels, Hospitality along with Civil/Mechanical field Jobs.

Their interview process is same as of AsiaPower Overseas as discussed in previous point.

7. India Based Gulf Job Consultancies

In this article you have heard this name consultancy many time and the reason is 70% Jobs are through them. Even AsiaPower and Jerry Vergese are consultancies only. Only they are comparatively big, they has been categorized separately to get more attention.

There more than 100 Job consultancies are available in India and majority of them are located in Mumbai.

Below are some Top Consultancies which you can easily trust.

  1. G Gheewala Human Resources Consultants – www.ggheewala.com
  2. H.R. International – www.hrinternational.in
  3. Ambe International – www.ambeinter.com
  4. ASMACS – www.asmacsgroup.net
  5. Soundlines – www.soundlinesgroup.com

Apart from these, there are many more consultancies which are good. Their names you can find in Assignment Abroad News Paper which we discussed in Point No. 1.

What you have to do is, just call them one by one and ask for available Job Openings. If any opportunity available, they will tell you in phone call itself or they will ask you to send your resume to their Email ID. Most of them do keep their resume in their data base and if any opportunity in future, they will notify you by sending mail to your Email ID mention in your resume.

Also, if you are visiting Mumbai for any interview, keep 10 resume and document sets along with you. There are many consultancies which are located at same area in Mumbai and you can directly visit their office and submit the resume. I have done this in my initial days. The list of documents which you must carry is same as mentioned Point No. 1.

8. Gulf Country Job Website

Similar to naukri.com, there are other Gulf Country websites which are made only for Gulf Jobs. You can creat your profile any one of them and start seraching for Jobs as well.

Below are best 5 Job websites where all Gul Jobs gets posted.

  1. www.bayt.ae
  2. www.indeed.ae
  3. www.efinancialcareers-gulf.com (Specially for Finance, Banking, IT jobs)
  4. www.careerjet.ae
  5. www.monstergulf.com

You don’t need to creative profile at all these website as it is very time consuming. I suggest along with naukri.com, you can use one single website out of above five.

You wil have to go through either telephonic interview or skype interview if profile gets shortlisted. No need to pay any money through these websites.

So this is all about how to find Jobs in Dubai. I hope you will find this article helpful.

Hindi Shayari, Hindi Quotes, Gulzar Shayai, Gulzar Quotes,

1.
अब न कोई शिकवा, ना गिला, ना मलाल रहा
सितम तेरे भी बेहिसाब रहे
सब्र मेरा भी कमाल रहा |
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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2.
फिर कुछ ऐसे भी मुझे आजमाया गया
पंख कटे गए और आसमां में उड़ाया गया |
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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3.
खो जाता हूँ अक्सर तुझे भुलाने के चक्कर में
मुसाफिर कल भी था मुसाफिर आज भी हूँ
कल अपनों की तलाश में था
आज अपनी तलाश में हूँ |
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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4.
बहुत भीड हुआ करती थी महफ़िल में मेरी
फिर में सच बोलता गया और लोग उठते गए।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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5.
फर्क था हम दोनों की मोहब्बत में
मुझे उससे ही थी, उसे मुझसे भी थी।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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6.
इतना तो सीखा ही दिया हे तूने ए-जिंदगी
रिश्ता सभी से रखो उम्मीद किसीसे नहीं।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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7.
एक वक्त था जब तेरे ना होने से खालीपन का एहसास था
अब आलम यूँ हे की तेरे होने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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8.
यह दुनिया नहीं हे मेरे पास तो क्या
मेरा यह भ्रम था की तुम मेरे पास हो।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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9.
मुमकिन नहीं हे हर किसी की नजरों में बेगुनाह रहना
बस खुद से यह वादा करो की अपनी नजरों में बेदाग रहे।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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10.
याद रखना जब फैसला आसमान वाला करता हे
तो जमीन वालों की वकालत नहीं चलती।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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11.
फ़ासलों का एहसास तब हुआ
जब मैंने कहा ठीक हूँ और उसने मान लिया।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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12.
बहोत अंदर तक जला देती हे,
वो शिकायतें जो बया नहीं होती।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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13.
अब मैं जवाबों का इंतजार नहीं करता
मैंने सवालों को बहलाना सिख लिया।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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14.
नाराज हमेशा खुशियाँ होती हे
ग़मों के इतने नखरे नहीं होते।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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15.
सोचता था, दर्द की दौलत से एक में ही मालामाल हूँ
देख जो गौर से तो हर कोई रईस निकला।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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16.
ज़िंदगी किस्मत से चलती हे साहब,
दिमाग से चलती तो बीरबल बादशाह होता।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












___________________________________________________________________________________________
17.
थम के रह जाती हे ज़िंदगी,
जब जमके बरसती हे पुरानी यादें।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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18.
जिस इंसान को हमें खोने का डर ही न था,
उस इंसान को हमारे ना होने का अफ़सोस क्या होगा।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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19.
दूरियां जब बढ़ी, गलतफैमिया भी बढ़ने लगी,
फिर उसने वो भी सुना जो मैंने कहा नहीं |
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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20.
वो समझते हे की हर शख्स बदल जाता हे,
उन्हें लगता हैं की जमाना उनके जैसा है।
……………………………………………………………………..गुलज़ार












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21.
सालों बाद मिले तो वो गले लगाकर रोने लगे
जाते वक्त जिन्होंने कहा था तुम्हारे जैसे हज़ार मिलेंगे।
……………………………………………………………………..गुलज़ार













___________________________________________________________________________________________
22.
चले जायेंगे एक दिन तुझे तेरे हाल पर छोड़ कर
कद्र क्या होती है ये वक़्त सीखा देगा।          
……………………………………………………………………..गुलज़ार













___________________________________________________________________________________________
23.
जो खानदानी रईस है वो रखते है मिजाज़ नर्म अपना
तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नई – नई है।
……………………………………………………………………..गुलज़ार













__________________________________________________________________________________________
24.
सबको खबर थी मेरे कच्चे मकान की
फिर भी लोगों ने दुआओं में बस बरसात ही मांगी।
……………………………………………………………………..गुलज़ार













___________________________________________________________________________________________
25.
सहमी हुई सी है झोंपड़ी बारिश है खौफ से
और महलों की आरजू है की बरसात तेज हो।
……………………………………………………………………..गुलज़ार













___________________________________________________________________________________________
26.
मेरे शहर में खुदाओं की कमी नहीं
लेकिन दिक्कत मुझे इंसान ढूंढने में होती है।
……………………………………………………………………..गुलज़ार













___________________________________________________________________________________________
27.
सारी उम्र गुज़ार दी तनहाइयों में हमने
जरा सांसे क्यों टूटी, मेला लग गया।
……………………………………………………………………..गुलज़ार













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28.
पूछा हाल शहर का तो वो सर झुका कर बोले
लोग तो ज़िंदा है मगर जमीर का पता नहीं।
……………………………………………………………………..गुलज़ार













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29.
दरवाजा छोटा ही रहने दो अपने मकान का साहब
जो झुक के आ गया समझ लो वही अपना है।
……………………………………………………………………..गुलज़ार













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30.
इतनी शिद्दत से निभाओ जिंदगी में अपना किरदार
की पर्दा गिरने के बाद भी तालियाँ बजती रहे।
……………………………………………………………………..गुलज़ार













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Introduce Yourself (Example Post)

This is an example post, originally published as part of Blogging University. Enroll in one of our ten programs, and start your blog right.

You’re going to publish a post today. Don’t worry about how your blog looks. Don’t worry if you haven’t given it a name yet, or you’re feeling overwhelmed. Just click the “New Post” button, and tell us why you’re here.

Why do this?

  • Because it gives new readers context. What are you about? Why should they read your blog?
  • Because it will help you focus your own ideas about your blog and what you’d like to do with it.

The post can be short or long, a personal intro to your life or a bloggy mission statement, a manifesto for the future or a simple outline of your the types of things you hope to publish.

To help you get started, here are a few questions:

  • Why are you blogging publicly, rather than keeping a personal journal?
  • What topics do you think you’ll write about?
  • Who would you love to connect with via your blog?
  • If you blog successfully throughout the next year, what would you hope to have accomplished?

You’re not locked into any of this; one of the wonderful things about blogs is how they constantly evolve as we learn, grow, and interact with one another — but it’s good to know where and why you started, and articulating your goals may just give you a few other post ideas.

Can’t think how to get started? Just write the first thing that pops into your head. Anne Lamott, author of a book on writing we love, says that you need to give yourself permission to write a “crappy first draft”. Anne makes a great point — just start writing, and worry about editing it later.

When you’re ready to publish, give your post three to five tags that describe your blog’s focus — writing, photography, fiction, parenting, food, cars, movies, sports, whatever. These tags will help others who care about your topics find you in the Reader. Make sure one of the tags is “zerotohero,” so other new bloggers can find you, too.

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